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दिल के अरमाँ आँसुओं

भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है

Bhikshu Bhikshu Hi Jaban Par Nam Hai

साध्वी चाँदकुमारी जी · दिल के अरमाँ आँसुओं

गीत क्रमांक2942

भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है — Lyrics

भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है। तेरे नाम से मिलता बड़ा आराम है।।

हृदय की धड़कन तुझे पुकारती, दर्श पाने को ये पलकें निहारती। जिन्दगी का तूं सही विश्राम है।।

हर सांस में प्रभु नाम की झंकार है, तेरे चरणों से हमें तो प्यार है। सोते उठते एक तेरा ध्यान है।।

तूं ही जीवन का अमर विश्वास है, हो रहा प्रतिपल तेरा आभास है। तेरी स्मृतियां शान्ति का शिव-धाम है।।

विघ्न मिटते द्वन्द्व कटते नाम से, मंगल ही मंगल तेरे अभिधान से। होते सुमिरण से सफल सब काम है।।

  1. 1.Bhikshu Bhikshu Hi Zuban Par Naam Hai
  2. 2.यह सुंदर भक्ति गीत आचार्य भिक्षु के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें भक्त के मन की भावनाएं बहुत सरल शब्दों में प्रकट होती हैं। हर पंक्ति में उनके नाम की महिमा और शांति का अनुभव बताया गया है। यह गीत हमें सिखाता है कि सच्चे गुरु का स्मरण जीवन में सुकून और सही मार्ग देता है।

Roman Transliteration

Bhikshu Bhikshu hi jaban par nam hai. tere nam se milta bada aram hai..

hriday ki dhadakan tujhe pukarti, darsha pane ko ye palken niharti. jindagi ka tun sahi vishram hai..

har sans men Prabhu nam ki jhankar hai, tere charnon se hamen to pyar hai. sote uthate ek tera dhyan hai..

tun hi jivan ka amar vishvas hai, ho raha pratipal tera abhas hai. teri smritiyan shanti ka shiv-dham hai..

vighna mitte dvandva katte nam se, Mangal hi Mangal tere abhidhan se. hote sumiran se saphal sab kam hai..

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