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तत्त्वज्ञान

जैन तत्त्वज्ञान का आधार

जैन दर्शन के मूल तत्त्वों का क्रमबद्ध परिचय। आरम्भ २५ बोल से — जीव, कर्म और मोक्ष-मार्ग को समझने की पारम्परिक सूची।

२५ बोल — एक साथ25 Bol · सब 25 एक पृष्ठ परपूरी सूची एक जगह — पढ़ने, छापने और अभ्यास करने के लिए।

एक-एक बोल

  1. 1गति चारGati · 4
  2. 2जाति पाँचJaati · 5
  3. 3काय छहKaaya · 6
  4. 4इन्द्रिय पाँचIndriya · 5
  5. 5पर्याप्ति छहParyaapti · 6
  6. 6प्राण दसPraan · 10
  7. 7शरीर पाँचShareer · 5
  8. 8योग पन्द्रहYog · 15
  9. 9उपयोग बारहUpyog · 12
  10. 10कर्म आठKarm · 8
  11. 11गुणस्थान चौदहGunasthan · 14
  12. 12पाँच इन्द्रियों के २३ विषय तेईसPaanch Indriyo Ke 23 Vishay · 23
  13. 13दस प्रकार के मिथ्यात्व दसDas Prakaar Ke Mithyaatva · 10
  14. 14नौ तत्त्व के ११५ भेद एक सौ पन्द्रहNau Tattva Ke 115 Bhed · 115
  15. 15आत्मा आठAatma · 8
  16. 16दण्डक चौबीसDandak · 24
  17. 17लेश्या छहLeshya · 6
  18. 18दृष्टि तीनDrishti · 3
  19. 19ध्यान चारDhyaan · 4
  20. 20छह द्रव्यों का ज्ञान छहChhah Dravyo Ka Gyaan · 6
  21. 21राशि दोRaashi · 2
  22. 22श्रावक के १२ व्रत बारहShraawak Ke 12 Vrat · 12
  23. 23साधु के ५ महाव्रत पाँचSaadhu Ke 5 Mahaavrat · 5
  24. 24भाँगा उनचासBhaanga · 49
  25. 25चारित्र पाँचChaaritra · 5