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पिछला बोल — भाँगा
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चारित्र पाँच
Chaaritra Five · 5
चारित्र के पाँच प्रकार।
1
सामायिक
Samayik
समता व्रत का पालन।
2
छेदोपस्थापनीय
Chhedopasthapaneeya
साधक की पुनः दीक्षा (मुनि-जीवन में पुनर्स्थापना)।
3
परिहार विशुद्धि
Parihaar Vishudhhi
आत्मा से कर्म को पृथक् करने का विशेष प्रयत्न।
4
सूक्ष्म सम्पराय
Suksham Samparay
केवल सूक्ष्म कषाय शेष रहने वाला उच्च चारित्र।
5
यथाख्यात
Yathakhyat
कषाय एवं राग से रहित सर्वोच्च चारित्र।
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