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घुँघरू छम छमा छम

गुण घुँघरू छम छमा छम – प्रभु महावीर विराजै रे

Gun Ghunghru Chham Chhama Chham – Prabhu Mahavir Virajai Re

घुँघरू छम छमा छम

गीत क्रमांक2963

गुण घुँघरू छम छमा छम – प्रभु महावीर विराजै रे — Lyrics

गुण घुँघरू छम छमा छम, छण ण ण ण ण बाजै रे। हिवड़े रे मंदिर में, प्रभु महावीर विराजै रे।।

कुण्डलपुर में जन्म्या भगवन, घर-घर मंगलाचार। देव-देवियां मंगल गावै, प्रभु लियो अवतार।।

संयम रे मारग पर चाल्या, कष्ट सह्या अनपार। वर्धमान स्यूं वीर बण्या प्रभु, मन में समताधार।।

अन्तर्यामी समदर्शी बण, पायो केवल ज्ञान। उपसर्गा रे तप में तप कर, बणग्या आप महान।।

संगम, अर्जुन, चण्ड जिस्यां री, आतम ज्योति जगाई। एक-एक प्राणी ने थे तो, मुगति राह दिखाई।।

करूणा सागर अमरित गागर, जैन जगत सिणगार। जो ध्यावैला चित्त लगाकर, होसी बेड़ो पार।।

अजर अमर ज्योतिर्मय प्रभुवर, जीवन रा विश्राम। श्रद्धा रे भावां स्यूं ‘सुव्रत, नित उठ करे प्रणाम।।

  1. 1.Gun Ghunghru Cham Chama Cham – Prabhu Mahavir Virajy Re
  2. 2.यह सुंदर भजन प्रभु महावीर की महिमा, करुणा और महान जीवन का वर्णन करता है। इसमें उनके जन्म, तप, संयम और केवलज्ञान प्राप्ति की कथा सरल शब्दों में कही गई है। भजन हमें सिखाता है कि समता, दया और अहिंसा के मार्ग पर चलकर जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। हर पंक्ति में भक्ति, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का भाव झलकता है, जो मन को शांति और प्रेरणा देता है।

Roman Transliteration

gun ghunghru chham chhama chham, chhan n n n n bajai re. hivde re mandir men, Prabhu Mahavir virajai re..

kundalpur men janmya bhagavan, ghar-ghar manglachar. Dev-deviyan Mangal gavai, Prabhu liyo avatar..

sanyam re marag par chalya, kashta sahya anapar. vardhaman syun vir banya Prabhu, man men samtadhar..

antaryami samadarshi ban, payo keval jnan. upasarga re tap men tap kar, banagya ap mahan..

sangam, arjun, chanda jisyan ri, atam jyoti jagai. ek-ek prani ne the to, mugti rah dikhai..

karuna sagar amarit gagar, Jain jagat singar. jo dhyavaila chitta lagakar, hosi bedo par..

ajar amar jyotirmay prabhuvar, jivan ra vishram. shraddha re bhavan syun ‘suvrat, nit uth kare pranam..

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