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आरती

ॐ जय त्रिशलानन्दन! स्वामी जय त्रिशलानन्दन!

Om Jay Trishlanandan! Swami Jay Trishlanandan!

साध्वी राजीमतीजी · आरती

गीत क्रमांक2976

ॐ जय त्रिशलानन्दन! स्वामी जय त्रिशलानन्दन! — Lyrics

ॐ जय त्रिशलानन्दन! स्वामी जय त्रिशलानन्दन! करुणा दृष्टि निहारो, तोड़ो भव बन्धन।।

श्रद्धा विनय भक्ति से, करते हम वंदन। तारो पार उतारो, हे! भव-दुःख भंजन।।

जनमें सुद तेरस को, तुम क्षत्रियपुर में। छिम-छिम बाजी, झालर घर-घर में।।

त्रिशला लाल दुलारे, ज्ञात वंश प्यारे। यौवन में संन्यासी, जय जग उजियारे।।

विघ्न विनाशक स्वामी, भूत प्रेत हारी। संकट कष्ट कटे सब, तुम हो उपकारी।।

‘चण्डनाग’ का तुमने, बेड़ा पार किया। ‘अर्जुनमाली’ जैसे नर को तार दिया।।

सत्य, अहिंसा, समता, तत्त्व दिया तुमने। शिव सुख वह पाएगा, धार लिया जिसने।।

करें आरती तेरी, दिल दीपक द्वारा। मुख-मुख गूंज रहा है, वीर नाम प्यारा।।

  1. 1.Om Jai Trishlanandan! Swami Jai Trishlanandan!
  2. 2.यह सुंदर भक्ति आरती भगवान महावीर स्वामी की महिमा का वर्णन करती है। इसमें उनकी करुणा, अहिंसा, समता और उपकार भावना को सरल शब्दों में बताया गया है। आरती में भक्त भगवान से अपने दुःख दूर करने और सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करते हैं। भगवान महावीर ने अपने जीवन से संसार को सत्य, दया और शांति का संदेश दिया।

Roman Transliteration

Om jay trishlanandan! Swami jay trishlanandan! karuna drishti niharo, todo bhav bandhan..

shraddha vinay bhakti se, karte ham vandan. taro par utaro, he! bhav-duhkh bhanjan..

janmen sud teras ko, tum kshatriypur men. chhim-chhim baji, jhalar ghar-ghar men..

trishla lal dulare, jnat vansh pyare. yauvan men sannyasi, jay jag ujiyare..

vighna vinashak Swami, bhut pret hari. sankat kashta kate sab, tum ho upakari..

‘chandanag’ ka tumne, beda par kiya. ‘arjunmali’ jaise nar ko tar diya..

satya, Ahimsa, samta, tattva diya tumne. shiv sukh vah paega, dhar liya jisne..

karen Aarti teri, dil dipak dvara. mukh-mukh gunj raha hai, vir nam pyara..

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