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तूं ने जो मेरी कब्र पै धीरे से मुस्कुरा दिया (गजल

काटों के संग में सदा, फूलों का उपहार मिला,

Katon Ke Sang Men Sada, Phulon Ka Upahar Mila,

तूं ने जो मेरी कब्र पै धीरे से मुस्कुरा दिया (गजल

गीत क्रमांक1238

काटों के संग में सदा, फूलों का उपहार मिला, — Lyrics

काटों के संग में सदा, फूलों का उपहार मिला, कष्टों को फ्थ में देखकर राही! दिल कैसे हिला।।

आंधी और तूफान ये आते परीक्षा के लिए, बन जा तूं चट्टान ज्यों, टूटेगा यह सिलसिला।।

तेज है तेरे में छिपा, यों बैठना न शोभता, चलने वालों का यहां इक दिन है अरमां फला।।

रुकने का तूं न नाम ले, मंजिल मिले न जब तलक, बुझने मत दे ज्योत को, हरदम तूं इसको जला।।

आग तूं बन के जी सदा, न धूम सी हो जिन्दगी, अवसर अच्छा यह मिला, कर तूं 'विजय' सबका भला।।

Roman Transliteration

katon ke sang men sada, phulon ka upahar mila, kashton ko phtha men dekhakar rahi! dil kaise hila..

andhi aur tuphan ye ate pariksha ke lie, ban ja tun chattan jyon, tutega yah silsila..

tej hai tere men chhipa, yon baithna n shobhta, chalne valon ka yahan ik din hai araman phala..

rukne ka tun n nam le, manjil mile n jab talak, bujhne mat de jyot ko, haradam tun isako jala..

ag tun ban ke ji sada, n dhum si ho jindagi, avasar achchha yah mila, kar tun 'vijay' sabka bhala..

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