लय: दिल के अरमां
इस लय पर 18 रचनाएँ।
- [११७]
- [६९]
- अजब शान हैं
- चेत्—चेतन
- ज्ञानामृत का प्याला
- नमस्कार महामंत्र
- पीर हरो महावीर
- भक्ति की महत्ता
- भव से पार
- भिक्षु बाबा! लो हमारी वन्दना
- राग की बद चेतना को छोड़ दो।
- वन्दना महावीर सौ सौ वन्दना
- शान्ति का आधार
- सत्य के खातिर समर्पित प्राण है।
- साधना में मन लगाना चाहिए।
- साधना ही शान्ति का आधार है।
- हम करें महावीर की आराधना।
- हे प्रभो! तुम ही हमारे नाथ हो।