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लय: जगाया तुमको कितनी बार
Jagaya Tumko Kitni Bar
इस लय पर 6 रचनाएँ।
करें हम महाप्रज्ञ का ध्यान
Karen Ham Mahapragya Ka Dhyan
जगत में मानव धर्म महान
Jagat Men Manav Dharm Mahan
निहारा तुमको कितनी बार
Nihara Tumko Kitni Bar
प्रभो! यह तेरापंथ महान
Prabho! Yah Terapanth Mahan
प्रभो! यह पावन तेरापंथ।
Prabho! Yah Pavan Terapanth.
सुनाएं फिर से वह सिंहनाद।
Sunaen Phir Se Vah Sinhnad.