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लय: जय बोलो संघ
Jay Bolo Sangh
इस लय पर 7 रचनाएँ।
अच्छे मानव कहलायेंगें
Achchhe Manav Kahlayengen
ओ धर्म सढा मंगलकारी
O Dharm Sadha Mangalkari
जय जयाचार्य श्री गणिवर की
Jay Jayacharya Shri Ganivar Ki
जय बोलो! तुलसी गुरुवर की
Jay Bolo! Tulsi Guruvar Ki
रग-रग मैं धर्म रमाल्यो थे
Rag-Rag Main Dharm Ramalyo The
श्रद्धा रो पथ मंगलकारी
Shraddha Ro Path Mangalkari
श्री णमोक्कार का ध्यान करो।
Shri Namokkar Ka Dhyan Karo.