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लय: रुणझुणियो
Runjhuniyo
इस लय पर 4 रचनाएँ।
धन्य महावीर भगवान्, अभिग्रह गजब कर्यो,
Dhanya Mahavir Bhagvan, Abhigrah Gajab Karyo,
बाबै भिखण रै गण आज, छायी देखो रंगरलियां,
Babai Bhikhan Rai Gan Aj, Chhayi Dekho Rangarliyan,
महाश्रमणी गण सिणगार, हिवड़े में बसिया।
Mahashramni Gan Singar, Hivde Men Basiya.
है गौरवमय इतिहास, क्यों तुम भूल रहे।
Hai Gauravamay Itihas, Kyon Tum Bhul Rahe.