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बहारों, मेरा जीवन भी संवारो

निहारो, दिल के दर्पण में

Niharo, Dil Ke Darpan Men

बहारों, मेरा जीवन भी संवारो

गीत क्रमांक1891

निहारो, दिल के दर्पण में — Lyrics

निहारो, दिल के दर्पण में क्या थे, क्या हो गये तुम, कुछ विचारो।।

भाग्य से प्राप्त तुझको सच्चा नगीना, व्यसनों में ही इसे तुम यों न हारो।।१।।

बीच कांटों के सीखो सुमन ज्यों महकना, रोकर ही जिन्दगी को, मत गुजारो।।२।।

श्रम की पूजा करता रहा है जमाना, अपने संकल्प से तुम दुविधा निवारो।।३।।

भूल जाओ 'विजय' तुम बीते समय को, बिगड़ी तस्वीर है जो फिर सुधारो।।४।।

Roman Transliteration

niharo, dil ke darpan men kya the, kya ho gaye tum, kuchh vicharo..

bhagya se prapta tujhko sachcha nagina, vyasnon men hi ise tum yon n haro..1..

bich kanton ke sikho suman jyon mahakna, rokar hi jindagi ko, mat gujaro..2..

shram ki puja karta raha hai jamana, apane sankalpa se tum duvidha nivaro..3..

bhul jao 'vijay' tum bite samay ko, bigdi tasvir hai jo phir sudharo..4..

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