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मोरिया! आछो बोल्यो रे

तपसण! थांरे जीवन री उजली भोर है

Tapasan! Thanre Jivan Ri Ujali Bhor Hai

मोरिया! आछो बोल्यो रे

गीत क्रमांक3044

तपसण! थांरे जीवन री उजली भोर है — Lyrics

तपसण! थांरे जीवन री, उजली भोर है, थांने देख्यां म्हारा, मनड़ा हर्ष विभोर, तपसण। तपसण! तप री म्है, महिमा गावां गर्व स्यूँ, थांरो अभिनंदन म्है, आज करां पुरजोर, तपसण। तपसण! ममता माया में, उलझ्या मानषी, धे तप धारयो तन री, मन री ममता तोड़, तपसण। तपसण! ‘मास खमण’ तप मोटो थे करयो, कोरी बातां करतां, आवै कांई जोर, तपसण। तपसण! थारे कुल में, रंग रलियाँ छा गई, हर्षित पुलकित नाचे, सारां रा मन मोर, तपसण।

  1. 1.Tapsan! Thare Jivan Ri Ujli Bhor Hai
  2. 2.यह सुंदर कविता तपस्या की महिमा को समर्पित है। इसमें एक तपस्वी (तपसण) के कठिन संकल्प और उनकी आध्यात्मिक शक्ति का गुणगान किया गया है। कवि कहते हैं कि जहाँ दुनिया मोह-माया में उलझी रहती है, वहीं तपस्वी ने अपनी इच्छाओं को त्याग कर ‘मासखमण’ (एक महीने का उपवास) जैसा महान तप किया है। यह रचना न केवल उनके धैर्य की प्रशंसा करती है, बल्कि परिवार और समाज में छाई खुशी को भी दर्शाती है। यह उनके अभिनंदन का एक भावपूर्ण प्रयास है।

Roman Transliteration

tapasan! thanre jivan ri, ujali bhor hai, thanne dekhyan mhara, manda harsha vibhor, tapasan. tapasan! tap ri mhai, mahima gavan garva syun, thanro abhinandan mhai, aj karan purjor, tapasan. tapasan! mamta maya men, ulajhya manshi, dhe tap dharyo tan ri, man ri mamta tod, tapasan. tapasan! ‘mas khaman’ tap moto the karyo, kori batan kartan, avai kani jor, tapasan. tapasan! thare kul men, rang raliyan chha gai, harshit pulkit nache, saran ra man mor, tapasan.

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