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वो दिल कहां से

तुलसी तुम्हारा नाम हम दिल में सदा बसाएं

Tulsi Tumhara Nam Ham Dil Men Sada Basaen

मुनि मुनिसुव्रतजी · वो दिल कहां से

गीत क्रमांक3055

तुलसी तुम्हारा नाम हम दिल में सदा बसाएं — Lyrics

तुलसी तुम्हारा नाम हम, दिल में सदा बसाएं। हर पल हर घड़ी में, तेरे ही गीत गाएं।।

सूरज सा तेज तुझमें, तम को सदा मिटाए, भूले हुए पथिक को, मंजिल सदा बताए। संबल तुम्हारा लेकर, आगे चरण बढाएं।।

आंखो में तेरे बहती, करुणा की दिव्य धारा, हम सब को तुलसी जग में, तेरा ही है सहारा। तेरी ही छत्र छाया में, जीवन सफल बनाएं।।

कलयुग में तुलसी सचमुच, महावीर का नमूना, तेरे को देख भगवन, फूले हमारा सीना। तेरी चरण यह धूली, सिर पर सदा चढाएं।।

पथद्रष्टा तूं हमारा, तूं ही है जगसितारा, अर्पण तेरे चरण में, जीवन प्रभो! हमारा। पाकर तुझे हां ‘सुव्रत’, निज भाग्य को सराएं।।

  1. 1.Tulsi Tumhara Naam Hum Dil Mein Sada Basaye
  2. 2.यह भावपूर्ण भक्ति गीत मुनि मुनिसुव्रतजी द्वारा रचित है। इसमें आचार्य तुलसी के प्रति गहरी श्रद्धा, समर्पण और प्रेम का सुंदर चित्रण किया गया है। गीत में उन्हें प्रकाश, करुणा, मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत बताया गया है। रचनाकार ने आचार्य तुलसी को भगवान महावीर के आदर्शों का सच्चा प्रतिनिधि मानते हुए उनके चरणों में अपना जीवन अर्पित करने की भावना व्यक्त की है।

Roman Transliteration

Tulsi tumhara nam ham, dil men sada basaen. har pal har ghadi men, tere hi git gaen..

suraj sa tej tujhmen, tam ko sada mitae, bhule hue pathik ko, manjil sada batae. sambal tumhara lekar, age charan badhaen..

ankho men tere bahti, karuna ki divya dhara, ham sab ko Tulsi jag men, tera hi hai sahara. teri hi chhatra chhaya men, jivan saphal banaen..

kalyug men Tulsi sachmuch, Mahavir ka namuna, tere ko dekh bhagavan, phule hamara sina. teri charan yah dhuli, sir par sada chadhaen..

pathadrashta tun hamara, tun hi hai jagsitara, arpan tere charan men, jivan prabho! hamara. pakar tujhe han ‘suvrat’, nij bhagya ko saraen..

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