‹ मंत्र उपाय
वचनसिद्धि (५)
ॐ ऐं ह्रौं झ्रां झ्रीं सुविहिं च पुप्फदंतं सीयलसिज्जंस वासुपुज्जं च विमलमणंतं च जिणं धम्मं संतिं च वंदामि स्वाहा
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- शत्रु का भय दूर होता है । राज्य में महत्त्व बढ़ता है, प्रतिष्ठा बढ़ती है । जो कहते हैं वही होता है