‹ मंत्र उपाय
देवता की प्रसन्नता
ऊँ ह्रीं ऐं एवं मए अभिथुआ विहुयरयमला पहीणजरमरणा चउवीसंपि जिणवरा तित्थयरा में पसीयंतु
- ५५ हजार
- पूर्व दिशा में मंत्र का जप करें
- सभी देवता प्रसन्न होते हैं । चारों ओर से सुखप्रद वातावरण का निर्माण होता है