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‹ मंत्र उपाय
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इच्छापूर्ति (३)

मंत्र

समरण थी सुख संपजै जाप जप्यां जश भारी हो मनवांछित मनोरथ फलै भजन करो नर नारी हो

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
परिणाम
मनोकामना की पूर्ति होती है । यश बढ़ता है