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रक्षा-कवच (६)

मंत्र

ॐ णमो अरहताणं ह्रां हृदयं रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो सिद्धाणं ह्रीं शिरो रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो आयरियाणं ह्रूं शिखां रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो उवज्झायाणं ह्रैं एहि एहि भगवति वज्रकवचं वज्रिणि रक्ष रक्ष ह्रुं फट् स्वाहा ॐ णमो लोए सव्वसाहूणं ह्रः क्षिप्रं साधय साधय वज्रहस्ते शूलिनि दुष्टान् रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा दिन में एक बार

समस्या
बाह्य उपद्रव ।
प्रयोग विधि
१२००० का जप कर इस मंत्र को सिद्ध करें ।
फल
सर्व उपद्रव का विलय ।

स्रोत: मंत्र — एक समाधान