‹ मंत्र उपाय
रक्षा-कवच (८)
नमस्कार महामंत्र
- प्रारम्भ में इसकी २१ आवृत्तियां करें । २१ दिन के पश्चात् प्रतिदिन एक आवृत्ति करें
- मनुष्य आकृति की कल्पना कर उसमें अपने शरीर को स्थापित करें । उसमें अपने मस्तक, मुख, हृदय, कण्ठ और चरण की स्पष्ट कल्पना करें । उन पांच अंगों में नमस्कार महामंत्र के पांच पदों का न्यास करें मंत्र अवयव ॐ णमो अरहंताणं नाभि ॐ णमो सिद्धाणं हृदय ॐ णमो आयरियाणं कण्ठ ॐ णमो उवज्झायाणं मुख ॐ णमो लोए सव्वसाहूणं मस्तक
- शरीर-रक्षा