‹ मंत्र उपाय
पारस्परिक सौहार्द
ॐ ऐं ह्रीं णमो लोए सव्वसाहूणं
- गृह-कलह
- प्रतिदिन १ माला
- पूर्वाभिमुख होकर जप करें । प्रत्येक पद के उच्चारण के साथ नए वस्त्र के १०८ गांठ लगाएं
- गृह-कलह का निवारण होता है । पारिवारिक शांति वर्धमान होती है