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‹ मंत्र उपाय
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विघ्‍न निवारक (२)

मंत्र

गुण गातां मन गह-गहै सुख संपति जाण विघन मिटै समरण कियां पामै परम कल्याण

समस्या
बार-बार बाधाओं से प्रताड़ित होना
मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
परिणाम
विघ्‍न-बाधाएं दूर होती हैं । मानसिक प्रसन्नता बढ़ती है