‹ मंत्र उपाय
क्लेशनाशक (२)
अहो प्रभु ! अजित जिनेश्वर आपरो ध्याऊं ध्यान हमेश हो अहो प्रभु ! अशरण शरण तू ही सही मेटण सकल कलेश हो
- पारिवारिक क्लेश
- प्रतिदिन १ माला
- पारिवारिक कलह का निवारण होता है