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‹ मंत्र उपाय
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विजय-प्राप्ति

मंत्र

कुन्ताग्रभिन्न-गजशोणित-वारिवाह वेगावतार-तरणातुरयोध-भीमे युद्धे जयं विजितदुर्जयजेयपक्षास् त्वत्पाद-पंकजवनाश्रयणो लभन्ते

मंत्र संख्या
२१ बार
परिणाम
युद्ध में विजय-लक्ष्मी का वरण होता है