‹ मंत्र उपाय
क्षुद्र-मुख स्तम्भन
ॐ णमो भगवते श्रीपार्श्वनाथाय ह्रीं धरणेन्द्र-वैरुट्याय क्षुद्रान् मुखं स्तंभय स्तंभय स्वाहा
- प्रतिदिन १ माला
- सर्प, बिच्छू आदि पास में नहीं आते
ॐ णमो भगवते श्रीपार्श्वनाथाय ह्रीं धरणेन्द्र-वैरुट्याय क्षुद्रान् मुखं स्तंभय स्तंभय स्वाहा