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‹ मंत्र उपाय
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कामण निवारक

मंत्र

किं शर्वरीषु शशिनाह्नि विवस्वता वा युष्मन्मुखेन्दु-दलितेषु तमस्सु नाथ ! निष्पन्नशालिवनशालिनि जीवलोके कार्यं कियज्जलधरैर् जलभारनम्रैः

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
परिणाम
जादू, कामण, मूठ, उच्चाटन आदि का भय नहीं रहता