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‹ मंत्र उपाय
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व्रण-चिकित्सा

मंत्र

ॐ णमो कुट्ठबुद्धीणं जिणाणं ह्रां ह्रीं

समस्या
शरीर के किसी भी स्थान पर व्रण होना
मंत्र संख्या
१ माला
परिणाम
व्रण का नाश होता है