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जैन धर्म परिचय

भगवान महावीर परिचय

1.च्यवन—प्राणत देवलोक

2.गर्भ प्रवेश तिथि —आषाढ़ शुक्ला 6

3.गर्भ संहरण तिथि—आश्‍विन कृष्णा 13

4.जन्म तिथि—चैत्र शुक्ला 13

5.जन्म स्थान—क्षत्रियकुण्डपुर

6.नाम—वर्धमान, महावीर, देवार्य, ज्ञातनन्दन, वीर, सन्मति

7.वर्ण—स्वर्ण (तप्त स्वर्ण के समान)

8.चिह्न—सिंह

9.पिता का नाम—सिद्धार्थ राजा

10.माता का नाम—त्रिशला देवी

11.मामा का नाम—गणतन्त्र अध्यक्ष चेटक

12.वंश—इक्ष्वाकु

13.गोत्र—काश्यप

14.पत्‍नी का नाम—यशोदा देवी

15.पुत्री का नाम—प्रियदर्शना

16.भाई का नाम—नन्दीवर्धन

17.बहन का नाम—सुदर्शना

18.कुमार काल—30 वर्ष

19.शरीर प्रमाण—7 हाथ प्रमाण

20.गृहवास में ज्ञान—मति, श्रुत, अवधिज्ञान

21.दीक्षा तिथि—मार्गशीर्ष कृष्णा 10

22.दीक्षा स्थल—क्षत्रियकुण्डपुर

23.दीक्षा के समय तप—दो दिन की तपस्या

24.दीक्षा पर्याय—42 वर्ष

25.दीक्षा वृक्ष—अशोक वृक्ष

26. दीक्षा परिवार—अकेले दीक्षित

27.साधना काल —12 वर्ष 6 मास, 15 दिन

28.प्रथम देशना स्थल—जुंभक ग्राम (देवों के बीच में)

29.प्रथम देशना तिथि —बैशाख शुक्ला 10

30.द्वितीय देशना तिथि—बैशाख शुक्ला एकादशमी

31.द्वितीय देशना स्थल —पावापुरी

32.अन्तिम देशना स्थल—पावापुरी हस्तिपाल राजा की शाला

33.प्रथम पारणा स्थल—कोल्लाग सन्‍निवेश

34.प्रथम पारणा दाता—बहुल ब्राह्मण

35.केवलज्ञान तिथि—बैशाख शुक्ला दशमी

36.केवलज्ञान स्थल—ऋजुबालुका नदी के किनारे

37.केवलज्ञानोत्पत्ति—दो दिन के उपवास में

38.केवलज्ञान का समय—दिन का अन्तिम प्रहर

39.तीर्थोत्पत्ति—दूसरे समवसरण में तीर्थ व संघ की उत्पत्ति

40.आयु—72 वर्ष

41.गणधर—इन्द्रभूति आदि 11 गणधर

42.केवलज्ञानी—700

43.अवधिज्ञानी—1300

44.मनःपर्यवज्ञानी—500

45.वादी—400

46.साधु सम्पदा—14000

47.साध्वी सम्पदा—36000

48.श्रावक संख्या—1,59,000

49.श्राविका संख्या—3,18,000

50.चातुर्मास संख्या—42

51.निर्वाण कल्याणक तिथि—कार्तिक कृष्णा अमावस्या

52.निर्वाण भूमि—पावापुरी (बिहार)

53.मोक्ष परिवार—एकाकी सिद्ध

54. अन्तर मान—पार्श्‍वनाथ तीर्थंकर के परिनिर्वाण के 250 वर्ष बाद, भगवान महावीर के परिनिर्वाण का अन्तर ।

55.मोक्षासन—पर्यंकासन ।

56.भव संख्या (सम्यक्त्व—27 (नयसार के भव में सम्यक्त्व की की प्राप्ति के पश्‍चात्) प्राप्ति)

57.तीर्थंकर गोत्र बांधने के लिए 20 बोलों की आराधना की ।

58.पूर्व भव का श्रुतज्ञान—ग्यारह अंग का अध्ययन ।

भगवान महावीर की घोर तपस्या

भगवान ने साधक जीवन में तपस्या काल के कुल 4515 दिन में सिर्फ 349 दिन आहार किया । भगवान ने बेले के दिन दीक्षा ली थी. इसलिए एक उपवास और जोड़ दें तो कुल 4166 दिन तपस्या में बीते ।