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जप साधना

नमस्कार महामंत्र जप कब और कैसे ?

1.शय्या त्याग करने के तुरन्त बाद महामंत्र स्मृति ।

2.स्‍नानादि आवश्यक क्रियाओं की सम्पन्‍नता के बाद एकान्त में पूर्ण माला जप ।।

3.सामायिक पाठ बोलने से पूर्व और पश्‍चात् नमस्कार महामंत्र का जप ।

4.प्रवचन, शास्त्राध्ययन तथा किसी भी प्रकार के स्वाध्याय से पूर्व नमस्कार महामंत्र का अनुस्मरण ।।

5.महामंत्र से प्रतिक्रमण सूत्र का प्रारम्भ तथा बीच—बीच में कई बार निर्विघ्‍न कार्य समाप्ति के लिए महामंत्र का स्मरण ।

6.नमस्कार महामंत्र से अनशन का प्रारम्भ ।

7.किसी भी प्रकार का धार्मिक अनुष्‍ठान तथा आत्मालोचन सम्बन्धी क्रियाओं के साथ अनिवार्य योग ।

8.तीनों सन्ध्या—वन्दन के पूर्व पांच नमस्कार महामंत्र का जप ।

9.रात को शय्या पर जाते समय नमस्कार महामंत्र का स्मरण ।

10.यात्रा, विदाई तथा स्वागत के समय नमस्कार महामंत्र का जप ।

11.जन्म, मृत्यु तथा विवाह सम्बन्धित सभी संस्कारों का शुभारम्भ और समापन पर नमस्कार महामंत्र का जप किया जाना चाहिए ।

12.स्कूल—प्रवेश, मकान—प्रवेश, भवन—निर्माण, दुकान का मुहूर्त तथा इसी प्रकार के अन्य सभी कार्यों के पूर्व सविधि नमस्कार महामंत्र का अनुष्‍ठान—जप करना आवश्यक है ।

13.जब किसी स्थान पर आपको भय मालूम हो, तब पांच नमस्कार महामंत्र जप कर आगे बढ़े, भय हट जायेगा और आप अपने आपको सुरक्षित पायेंगे ।