‹ मंगल साधना
पौषध के दोष
1.पौषध में अव्रती (गृहस्थ) को सत्कार, सम्मान देना ।
2.पौषध में शरीर तथा वस्त्रादि उपकरणों को संवारना ।
3.पौषध में अपने तथा दूसरे के शरीर का मैल उतारना ।
4.पौषध में अधिक निद्रा लेना ।
5.पौषध में बिना प्रतिलेखन किए हाथ—पैर फैलाना तथा खाज—खुजली करना ।
6.पौषध में राग—द्वेषात्मक बातें करना ।
7.पौषध में दूसरों की आलोचना करना ।
8.पौषध में व्यापार सम्बन्धी बातें करना ।
9.पौषध में विकार दॄष्टि से अपने तथा औरों के शरीर को देखना ।
10.पौषध में खुले मुंह बोलना ।
11.पौषध में हास्य—मजाक तथा शोक—संताप करना ।
12.पौषध के लेने तथा पारणे में असावधानी बरतना ।