मुख्य सामग्री पर जाएँ
श्रावक साधना

भोजन शुद्धि

1.मांस आदि अभक्ष्य वस्तु न खायें ।

2.मिठाई व तली हुई वस्तुएं न खाएं ।

3.भूख न हो, खाने की रुचि न हो तो खाना न खाएं ।

4.भोजन करते समय कल्पना और स्मृति को स्थान न दें ।

5.भोजन के समय मौन रखें ।

6.चलते—चलते खाना न खाएं ।

7.‘खाने को पीना चाहिए और पानी को खाना चाहिए’ इस लोकोक्ति का अर्थ है कि खाने को इतना चबाया जाये कि खाना तरल हो जाये और पानी गाढ़ा बन जाये ।