‹ श्रावक साधना
ब्रह्मचारी के लिए नित्य प्रयोग की बातें
1.ध्यान से वीर्य का ऊर्ध्वीकरण करना ।
2.सौन्दर्य के प्रसाधन, सुगन्धित द्रव्यों तथा सायं स्नान से बचाव ।
3.सत्साहित्य का विशेष वाचन ।
4.भोग की नश्वरता का चिन्तन ।
5.सिद्ध—पुरुषों का सम्पर्क ।
6.उत्कट ब्रह्मचारी स्थूलभद्र मुनि का पुनः पुनः स्मरण एवं ध्यान ।
7.प्रतिदिन नियमित योगाभ्यास (सिद्धासन, गोरक्षासन, गोमुखासन, गुदा—ताड़न, शीर्षासन या सर्वांगासन का अभ्यास, अश्विनी—मुद्रा तथा योग मुद्रा का अभ्यास)