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परंपरागत

1

दोसावहारदक्खो, नालीयायार वियासगोपसरो रयणत्तयस्स जणओ पासजिणो जयउ जयचक्खु

2

कय कुवलय पडिबोहो हरिणंकिय विग्गहो कला निलओ विहिआरविंद महणो दिअराओ जयइ पास जिणो

3

कंतीइ णिज्जिणिंतो सिंदूरं पुहइनंदणो कुरो जयजंतु अमयवक्को सुमंगलो जयइ पास जिणो

4

उप्पलदल नीलरुई हरिमंडल संथुओ इलाणंदो रयणिअरदारओ मह बुहो पसीइज्ज पास पहू

5

नाहिअवाय विअड्ढो नायत्थो नायरायकयपूओ सिरिपासनाह देवो देवायरिओ सिवं दिसउ

6

रायावट्टसमुज्जल तणुप्पहा मंडलो महाभूई असुरेहिं नमिज्जंतो पास जिमिंदो कई जयउ

7

तिमिरासी समारूढो संतो दुक्खावहो जयम्मि थिरो बहुल तमासरिससिरी,जय चक्खु सुओ जयई पासो

8

कवलीकय दोसायर मायंड रहं अहो तणु विमुक्कं लोआभरणी भूअं पास जिणं सत्तमं सरह

9

दुरिआइं पासनाहो सिहावमालिअनहो भुवणकेऊ दूरे तमरासीओ सत्तमट्ठाणट्ठिओ हरउ

10

इअ नवगहथुइगब्भं जिणपहसूरिहिं गुंफिअं थवणं तुह पास ! पढइ जो तं असुहा वि गहा न पीडंति