प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे । मुझ प्यारा प्राण आधारा ।। नमिनाथ अनाथां रा नाथो रे, नित्य नमण करूं जोड़ी हाथो रे । कर्म काटण वीर विख्यातो, प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे ।। १ ।।
नमिनाथ प्रभो ! तुम अनाथों के नाथ हो । मैं बद्धांजलि हो तुम्हें नित्य प्रणाम करता हूं । तुम कर्म-बंधन को छिन्न करने के लिए सुप्रसिद्ध वीर हो ।