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‹ चौबीस तीर्थंकर
21इक्कीसवें तीर्थंकर

भगवान नमिनाथ

Naminath

चिन्हनीलकमल
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
विजय
माता
वप्रा (विप्रा)
जन्म नगरी
मिथिला
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
भृकुटि
यक्षिणी
गान्धारी
गणधर
17
चैत्य वृक्ष
बकुल

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

परंपरा के अनुसार यहीं नमिनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया।

नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री नमिनाथाय नमः ।

प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे । मुझ प्यारा प्राण आधारा ।। नमिनाथ अनाथां रा नाथो रे, नित्य नमण करूं जोड़ी हाथो रे । कर्म काटण वीर विख्यातो, प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे ।। १ ।।

नमिनाथ प्रभो ! तुम अनाथों के नाथ हो । मैं बद्धांजलि हो तुम्हें नित्य प्रणाम करता हूं । तुम कर्म-बंधन को छिन्न करने के लिए सुप्रसिद्ध वीर हो ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)