21इक्कीसवें तीर्थंकर
भगवान नमिनाथ
Naminath
नीलकमल
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- विजय
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- वप्रा (विप्रा)
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- मिथिला
- इक्ष्वाकुवंश
- भृकुटि
- गान्धारी
- 17
- बकुल
जीवन की तिथियाँ
- श्रावण कृ. 8
- अश्विनी
- आषाढ़ कृ. 9
- 1000
- मार्गशीर्ष शु. 11
- नौ मास
चिह्न, शरीर और आयु
- नीलकमल
- 15 धनुष
- 2500 वर्ष
- 10000 वर्ष
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
- बैशाख कृ. 10
- 1,000
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री नमिनाथाय नमः ।
प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे । मुझ प्यारा प्राण आधारा ।। नमिनाथ अनाथां रा नाथो रे, नित्य नमण करूं जोड़ी हाथो रे । कर्म काटण वीर विख्यातो, प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे ।। १ ।।
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