20बीसवें तीर्थंकर
भगवान मुनिसुव्रत
Munisuvrat
कच्छप
श्याम
परिवार एवं संघ
- सुमित्र
- पद्मावती
- राजगृह
- हरिवंशवंश
- वरुण
- नरदत्ता (बहुरूपिणी)
- 18
- चम्पक
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री मुनिसुव्रताय नमः ।
प्रभूजी ! आप प्रबल बड़ भागी । त्रिभुवन दीपक सागी रा ।। सुमित्रनन्दन श्री मुनिसुव्रत, जगतनाथ जिन जाणी । चारित्र ले केवल उपजायो, उपशम रस नीं वाणी रा ।। १ ।।
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