19उन्नीसवें तीर्थंकर
भगवान मल्लिनाथ
Mallinath
कलश
नील (नीलम)
परिवार एवं संघ
- कुम्भ
- प्रभावती
- मिथिला
- इक्ष्वाकुवंश
- कुबेर
- धरणप्रिया (वैरोट्या)
- 28
- अशोक
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री मल्लिनाथाय नमः ।
मल्लि जिनेश्वर नाम समर तरण शरण आयो । नील वर्ण मल्लि जिनेश्वर, ध्यान निर्मल ध्यायो । अल्प काल मांहि प्रभू, परम-ज्ञान पायो ।। १ ।।
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