18अष्टादश तीर्थंकर
भगवान अरनाथ
Aranath
नंद्यावर्त
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- सुदर्शन
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- देवी (मित्रा/महादेवी)
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- हस्तिनापुर
- इक्ष्वाकुवंश
- यक्षेन्द्र (यक्षेट)
- धारिणी (धरणप्रिया)
- 33
- आम्र (चूत)
जीवन की तिथियाँ
- मार्गशीर्ष शु. 10
- रेवती
- मार्गशीर्ष शु. 11
- 1000
- कार्तिक शु. 12
- तीन वर्ष
चिह्न, शरीर और आयु
- नन्दावर्त
- 30 धनुष
- 21000 वर्ष
- 84000 वर्ष
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
- मार्गशीर्ष शु. 10
- 1,000
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री अरनाथाय नमः ।
मोनैं प्यारा लागै छै जी अर जिनराज । मोनें वाल्हा लागै छै जी अर जिनराज ।। अर जिन कर्म-अरी नां हंता, जगत उधारण ज्हाज । मोनें वाल्हा लागै छै जी अर जिनराज ।। १ ।।
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