17सप्तदश तीर्थंकर
भगवान कुंथुनाथ
Kunthunath
बकरा
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- सूर (शूरसेन)
- श्री (श्रीदेवी)
- हस्तिनापुर
- इक्ष्वाकुवंश
- गन्धर्व
- बला (अच्युता)
- 35
- तिलक
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री कुन्थुनाथाय नमः ।
प्रभु को समरण कर नीको रे । कुन्थु जिनेश्वर करुणा-सागर, त्रिभुवन सिर टीको रे । प्रभु को समरण कर नीको रे ।। १ ।।
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