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‹ चौबीस तीर्थंकर
17सप्तदश तीर्थंकर

भगवान कुंथुनाथ

Kunthunath

चिन्हबकरा
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
सूर (शूरसेन)
पिता की गति
चौथे देवलोक माहेन्द्र में
माता
श्री (श्रीदेवी)
माता की गति
चौथे देवलोक माहेन्द्र में
जन्म नगरी
हस्तिनापुर
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
गन्धर्व
यक्षिणी
बला (अच्युता)
गणधर
35
चैत्य वृक्ष
तिलक

जीवन की तिथियाँ

जन्म तिथि
बैशाख कृ. 14
नक्षत्र
कृत्तिका
दीक्षा तिथि
बैशाख कृ. 5
दीक्षा साथी
1000
केवलज्ञान तिथि
चैत्र शु. 3
छद्मस्थ काल
सोलह वर्ष

चिह्न, शरीर और आयु

लक्षण चिह्न
छाग (बकरा)
शरीर मान
35 धनुष
साधक जीवन
23750 वर्ष
आयुमान
95000 वर्ष

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

निर्वाण तिथि
बैशाख कृ. 1
निर्वाण साथी
1,000
नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री कुन्थुनाथाय नमः ।

प्रभु को समरण कर नीको रे । कुन्थु जिनेश्‍वर करुणा-सागर, त्रिभुवन सिर टीको रे । प्रभु को समरण कर नीको रे ।। १ ।।

कुन्थु प्रभु ! तुम करुणासागर और त्रिभुवन के सिर पर तिलक हो ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)