16षोडश तीर्थंकर
भगवान शांतिनाथ
Shantinath
मृग
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- विश्वसेन
- अचिरा
- हस्तिनापुर
- इक्ष्वाकुवंश
- गरुड
- निर्वाणी
- 36
- नन्दी (नन्दिवृक्ष)
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री शान्तिनाथाय नमः ।
बलिहारी हो शांति जिणंद की । शांति करण प्रभु शांतिनाथजी, शिवदायक सुखकंद की । बलिहारी हो शांति जिणंद की ।। १ ।।
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