मुख्य सामग्री पर जाएँ
‹ चौबीस तीर्थंकर
22बाईसवें तीर्थंकर

भगवान नेमिनाथ

Neminath

अरिष्टनेमि
चिन्हशंख
वर्णश्याम (नील)

परिवार एवं संघ

पिता
समुद्रविजय
पिता की गति
चौथे देवलोक माहेन्द्र में
माता
शिवा
माता की गति
चौथे देवलोक माहेन्द्र में
जन्म नगरी
शौरीपुर
वंश
यदुवंश (हरिवंश)
यक्ष
गोमेध
यक्षिणी
अम्बिका (कूष्माण्डी)
गणधर
11
चैत्य वृक्ष
वेतस (मेषशृंग)

जीवन की तिथियाँ

जन्म तिथि
श्रावण शु. 5
नक्षत्र
चित्रा
दीक्षा तिथि
श्रावण शु. 6
दीक्षा साथी
1000
केवलज्ञान तिथि
अश्विन कृ. 15
छद्मस्थ काल
चौवन दिन

चिह्न, शरीर और आयु

लक्षण चिह्न
शंख
शरीर मान
10 धनुष
साधक जीवन
700 वर्ष
आयुमान
1000 वर्ष

निर्वाण स्थल

गिरनार (ऊर्जयंतगिरि)

निर्वाण तिथि
आषाढ़ शु. 8
निर्वाण साथी
536
नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः ।

प्रभु नेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी । रिठनेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। तूं तोरण स्यूं फिर्यो जिन-स्वाम, अद्भुत बात करी तैं अमाम । प्रभु नेम-स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। १ ।।

तुम विवाह-तोरण के पास जा लौट आये । यह अद्भुत और अनुपम काम किया तुमने ।

पूरी चौबीसी पढ़ें (7 गाथा) ›

स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)