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‹ चौबीस तीर्थंकर
22बाईसवें तीर्थंकर

भगवान नेमिनाथ

Neminath

अरिष्टनेमि
चिन्हशंख
वर्णश्याम (नील)

परिवार एवं संघ

पिता
समुद्रविजय
माता
शिवा
जन्म नगरी
शौरीपुर
वंश
यदुवंश (हरिवंश)
यक्ष
गोमेध
यक्षिणी
अम्बिका (कूष्माण्डी)
गणधर
11
चैत्य वृक्ष
वेतस (मेषशृंग)

निर्वाण स्थल

गिरनार (ऊर्जयंतगिरि)

परंपरा के अनुसार यहीं नेमिनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया।

नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः ।

प्रभु नेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी । रिठनेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। तूं तोरण स्यूं फिर्यो जिन-स्वाम, अद्भुत बात करी तैं अमाम । प्रभु नेम-स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। १ ।।

तुम विवाह-तोरण के पास जा लौट आये । यह अद्भुत और अनुपम काम किया तुमने ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)