22बाईसवें तीर्थंकर
भगवान नेमिनाथ
Neminath
शंख
श्याम (नील)
परिवार एवं संघ
- समुद्रविजय
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- शिवा
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- शौरीपुर
- यदुवंश (हरिवंश)
- गोमेध
- अम्बिका (कूष्माण्डी)
- 11
- वेतस (मेषशृंग)
जीवन की तिथियाँ
- श्रावण शु. 5
- चित्रा
- श्रावण शु. 6
- 1000
- अश्विन कृ. 15
- चौवन दिन
चिह्न, शरीर और आयु
- शंख
- 10 धनुष
- 700 वर्ष
- 1000 वर्ष
निर्वाण स्थल
गिरनार (ऊर्जयंतगिरि)
- आषाढ़ शु. 8
- 536
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः ।
प्रभु नेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी । रिठनेम स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। तूं तोरण स्यूं फिर्यो जिन-स्वाम, अद्भुत बात करी तैं अमाम । प्रभु नेम-स्वामी ! तूं जगनाथ अंतरयामी ।। १ ।।
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