23तेईसवें तीर्थंकर
भगवान पार्श्वनाथ
Parshvanath
सर्प
नील (श्याम)
परिवार एवं संघ
- अश्वसेन
- वामा
- वाराणसी
- इक्ष्वाकुवंश
- पार्श्व (धरणेन्द्र)
- पद्मावती
- 10
- धातकी (धव)
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री पार्श्वनाथाय नमः ।
पारस देव ! तुम्हारा दर्शन भाग भला सोई पावै हो । भाग भला सोई पावै, हूं वारि जाऊं, जीव मगन हो ज्यावै हो पारस देव ! लोह कंचन करै पारस काचो, ते कहो कर कुण लेवै हो । पारस तू प्रभु साचो पारस, आप समो कर देवै हो ।। १ ।।
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