24चौबीसवें तीर्थंकर
भगवान महावीर
Mahavir
सिंह
स्वर्ण (तप्त-स्वर्ण)
परिवार एवं संघ
- सिद्धार्थ
- त्रिशला
- क्षत्रियकुंड (कुंडग्राम)
- इक्ष्वाकुवंश
- मातंग
- सिद्धायिका
- 11
- शाल
निर्वाण स्थल
पावापुरी
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री महावीराय नमः ।
नहीं इसो दूसरो जगवीर । उपसर्ग सहिवा अडिग जिनवर, सुरगिरि जेम सधीर । चरम जिनेन्द्र चौबीसमा रे, अघ हणवा महावीर । विकट तप वर ध्यान धर प्रभु पाया भव जल तीर ।। १ ।।
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