श्रेयांस जिनेश्वरू ! प्रणमूं नित बेकर जोड़ रे । मोक्ष मार्ग श्रेय शोभता, धार्या स्वाम श्रेयांस उदार रे । जे जे श्रेय वस्तु संसार में, ते ते आप करी अंगीकार रे । ते ते आप करी अंगीकार, श्रेयांस जिनेश्वरू ।..... ।। १ ।।
श्रेयांस प्रभो ! मोक्ष मार्ग के लिए जो श्रेय मा, उसे तुमने धारण किया । इस संसार में जो-जो श्रेय वस्तुएं थीं, उन सबको तुमने अंगीकार कर लिया ।