11एकादश तीर्थंकर
भगवान श्रेयांसनाथ
Shreyansnath
गैंडा
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- विष्णु
- विष्णा (विष्णुदेवी)
- सिंहपुरी
- इक्ष्वाकुवंश
- ईश्वर (मनुज)
- मानवी (श्रीवत्सा)
- 76
- तिन्दुक
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री श्रेयांसनाथाय नमः ।
श्रेयांस जिनेश्वरू ! प्रणमूं नित बेकर जोड़ रे । मोक्ष मार्ग श्रेय शोभता, धार्या स्वाम श्रेयांस उदार रे । जे जे श्रेय वस्तु संसार में, ते ते आप करी अंगीकार रे । ते ते आप करी अंगीकार, श्रेयांस जिनेश्वरू ।..... ।। १ ।।
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