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‹ चौबीस तीर्थंकर
11एकादश तीर्थंकर

भगवान श्रेयांसनाथ

Shreyansnath

चिन्हगैंडा
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
विष्णु
पिता की गति
तीसरे देवलोक सनत्कुमार में
माता
विष्णा (विष्णुदेवी)
माता की गति
तीसरे देवलोक सनत्कुमार में
जन्म नगरी
सिंहपुरी
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
ईश्वर (मनुज)
यक्षिणी
मानवी (श्रीवत्सा)
गणधर
76
चैत्य वृक्ष
तिन्दुक

जीवन की तिथियाँ

जन्म तिथि
फाल्गुन कृ. 12
नक्षत्र
श्रवण
दीक्षा तिथि
फाल्गुन कृ. 13
दीक्षा साथी
1000
केवलज्ञान तिथि
माघ कृ. 15
छद्मस्थ काल
दो मास

चिह्न, शरीर और आयु

लक्षण चिह्न
गैंडा (खंगी)
शरीर मान
80 धनुष
साधक जीवन
21,00,000 वर्ष
आयुमान
84 लाख वर्ष

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

निर्वाण तिथि
श्रावण कृ. 3
निर्वाण साथी
1,000
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स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री श्रेयांसनाथाय नमः ।

श्रेयांस जिनेश्‍वरू ! प्रणमूं नित बेकर जोड़ रे । मोक्ष मार्ग श्रेय शोभता, धार्या स्वाम श्रेयांस उदार रे । जे जे श्रेय वस्तु संसार में, ते ते आप करी अंगीकार रे । ते ते आप करी अंगीकार, श्रेयांस जिनेश्‍वरू ।..... ।। १ ।।

श्रेयांस प्रभो ! मोक्ष मार्ग के लिए जो श्रेय मा, उसे तुमने धारण किया । इस संसार में जो-जो श्रेय वस्तुएं थीं, उन सबको तुमने अंगीकार कर लिया ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)