Aarti
Aartis of the Terapanth acharyas and Bhagwan Mahavir.
- ॐ जय कालू – जन-मन का मानस गाए
- ॐ जय तुलसी
- ॐ जय तुलसी गुरुराज
- ॐ जय त्रिशलानन्दन! स्वामी जय त्रिशलानन्दन!
- ॐ जय महाप्रज्ञ
- ॐ जय महाप्रज्ञ गुरुदेव।
- ॐ जय वर्धमान भगवान।
- ॐ भिक्षु! आरती उतारें ॐ जय भिक्षु!
- आचार्य कालूगणी आरती – ॐ जय कालू गुरुदेव, धन्य जमारो बांरो
- आरती उतारां
- आरती उतारां म्हैं तो त्रिशला रै लाल री
- आरती उतारूं बाबै मिखणजी री भाव स्यूं,
- आरती तेरी गाऊं सुबह शाम मैं,
- कैसे बतादो भगवन्! तेरी आरती सजाऊं,
- तेरी आरती उतारें,