Bhajan
Bhajans of the Terapanth tradition, with full lyrics.
- अलबेलो शासण थांरो – स्वर्गा सी है छटा निराली
- आओ स्वामीजी, थांनै झाला दे बुलावां
- आपां गण रो गौरव गावां, गणवेदी पर प्राण चढावां
- एक बार आओ म्हारा सांवरिया स्वामीजी
- कालू गणेश्वर आपरो – अहो प्रभु! ध्यान धरूं नित आपरो
- गण नन्दनवन पा हरसावां
- गणदेव! मोरिया मन रा आज बुलावै आर्यदेव!
- गणाधिपति गुरुवर म्हारा लाखां आंख्या रा तारा
- गुण घुँघरू छम छमा छम – प्रभु महावीर विराजै रे
- गुरुदेव थांरै नाम में है एक गजब री शक्ति
- गुरुवर ! थांरी याद सतावैजी
- गुरुवर! जीवन में आध्यात्मिक संस्कार चाहिए
- णमो गुरुदेवाणं – उगी सुनहली भोर
- तुलसी गुरु के चरणों में शत नमन हमारा है
- तुलसी तुम्हारा नाम हम दिल में सदा बसाएं
- तुलसी तेरापंथ रो ध्रुवतारो – तुलसी तेरापंथ रै, आकाश रो ध्रुवतारो
- तुलसी नाम बड़ो गुणकारी
- तुलसी नाम री माळा नित फेरो सुबह और शाम
- तुलसी नाम स्यूं म्हें तर ज्यावां
- तुलसी सहारो साचो तुलसी ही त्राण हो
- तुलसी स्तुति – तुलसी तुलसी ध्यावां, तुलसी तुलसी गांवां
- त्रिशला रो जायोड़ो इण दुनिया में जादू करग्यो
- दरसण द्यो गुरुराज! आज मन प्राण बुलावै रे
- दीपां रा दुलारा और प्यारा प्रभू आपां रा रे
- दीपानंद भीखण जी पधारो
- देखो मर्यादा की महिमा, कैसी गण की सुषमा छाई
- धरती के बन गए देवता, क्या गुण गरिमा गाएँ
- नन्दन वदनाजी रा झेलो म्हारा वन्दन तुलसी
- नमो अरहन्तं नमो भगवन्तं
- परमेष्ठी पंचक ध्याऊं मैं सुमर सुमर सुख पाऊं
- पल-पल है सामने – कहता है कौन यहां तुलसी नहीं है
- प्यारो सांवरियै रो नाम आवै संकट में जो काम
- प्रभो! तुम्हारे आदर्शों पर चलता जाए जग सारा
- भिक्षु की अभिवन्दना हम कर रहे
- भिक्षु भिक्षु भजन हो, तन से, मन से और वचन से
- भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है
- भिक्षु स्वाम ज्योतिर्धाम पावन नाम
- भिक्षु स्वामी जी जगत में नामी जी
- भिक्षु है इमरत रो झरणो
- भीखण री मूरत भावै, जपतां मनड़ो हरसावै
- भोर-भोर उठ कर प्रभू नै सुमरलै
- मंगल स्तुति – ॐ मंगलं ओंकार मंगलं
- मन री वीणा रा तार शासण परवरदिगार
- मर्यादा रा गीत – धरती अम्बर समन्दर गावै
- मर्यादामय जीवन यह हमने पाया है
- महाप्रज्ञ अभिवंदना – उजली भोर आ सुखकार
- मीठो सांवरिये रो नाम जाणै मिसरी री डळी
- म्हारै हिरदै में बसै तुलसी प्रभु रो नाम
- युगपुरुष आर्यवर! – युग की पीड़ा का विष पीकर
- रूं रूं में सांवरियो रमग्यो, जबरो दीप जलायो हो
- लो जैन जगत के तीर्थंकर! मेरा प्रणाम लो
- वंदना महावीर लो अभिवंदना
- विघ्न विनायक मंगलदायक स्वामीजी रो नाम
- विघ्न हरण – अ.भी.रा.शि.को. उदारी हो
- वीर की पावन जयन्ती को मनाये हम
- शासण ओ भिक्षु रो सुरगां स्यूं है प्यारो
- श्री तुलसी भगवान वंदन-वंदन है
- श्री भिक्षु की जय जयकार जन जन पर भारी उपकार
- श्री भिक्षु चालीसा – भिक्षु भिक्षु गणपाल की महिमा है सर्वत्र
- श्वेतांबर तेरापंथ के जयकारे
- सब स्यूं प्यारो, सब स्यूं न्यारो, सांवरियै रो नाम
- सांवरिया थोरै संघ स्यूं लागी म्हांनै प्रीत
- सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला – रात री अन्धेरी में जो जाप करैला
- सांवरियो म्हारै रूं रूं में रमग्यो – मिश्री में मीठास बण्यो
- सौभागी संघ हमारा
- स्वामी भीखणजी कद स्यूं, म्हें बाट निहारां
- स्वामीजी का नाम हमारे लिए सहारा है
- स्वामीजी थांरै संघ री महिमा महकावै है
- स्वामीजी थांरो संघ निरालो रे गावां यशोमय गान
- स्वामीजी थारै शासन में मौज उड़ावा हां
- स्वामीजी म्हानै दरसण दीन्हाजी
- स्वामीजी रै नाम री सब रोज फेरो माळा
- हे दयालो! देव! तेरी शरण हम सब आ रहे