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‹ मंत्र उपाय
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यशवर्धक (२)

मंत्र

ॐ ह्रीं ऐं आं चंदेसु निम्मलयरा आइच्चेसु अहियं पयासयरा सागरवरगंभीरा सिद्धा सिद्धिं मम दिसंतु मम मनोवांच्छितं पूरय पूरय स्वाहा

मंत्र संख्या
१००० बार
परिणाम
मन-चिन्तित कार्य होता है । यश, प्रतिष्ठा प्राप्त होते हैं