‹ मंत्र उपाय
सुख-सम्पदा-वृद्धि
ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं ऐं लोगस्स उज्जोयगरे धम्म तित्थयरे जिणे अरहंते कित्तइस्सं चउवीसंपि केवली मम मनोऽभीष्टं कुरु कुरु ॐ स्वाहा
- १ माला
- पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़ा रहकर १०८ बार कायोत्सर्ग में मंत्र का जप करें । १४ दिन तक एकांत में रहें । ब्रह्मचर्य का पालन करें
- राज्य में सम्मान प्राप्त होता है । चोरों का भय नहीं रहता । सुख की वृद्धि होती है