‹ मंत्र उपाय
कार्य-सिद्धि (१)
ॐ ह्रीं श्रीं णमो अरहंताणं ॐ ह्रीं श्रीं णमो सिद्धाणं ॐ ह्रीं श्रीं णमो आयरियाणं ॐ ह्रीं श्रीं णमो उवज्झायाणं ॐ ह्रीं श्रीं णमो लोए सव्वसाहूणं
- प्रयोग विधि को पूर्ण करने के बाद इस मंत्र के प्रत्येक पद की निश्चित दिशा में एक-एक माला का प्रयोग करें
- ॐ ह्रीं श्रीं णमो अरहंताणं—पूर्व दिशा, ६ माला ॐ ह्रीं श्रीं णमो सिद्धाणं—पूर्व दिशा,६ माला ॐ ह्रीं श्रीं णमो आयरियाणं—उत्तर दिशा, ६ माला ॐ ह्रीं श्रीं णमो उवज्झायाणं—पश्चिम दिशा, ६ माला ॐ ह्रीं श्रीं णमो लोए सव्वसाहूणं—दक्षिण दिशा, माला इस मंत्र का त्रिसन्ध्या में २७ दिन तक जप करें । मंत्राराधना के समय सफेद वस्तु का सेवन करें । भूमिशयन और ब्रह्मचर्य का पालन करें । मृषा भाषा का वर्जन करें
- सर्व कार्य सिद्ध होते हैं