Skip to content
‹ मंत्र उपाय
154 / 367

रक्षा-कवच (६)

मंत्र

ॐ णमो अरहताणं ह्रां हृदयं रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो सिद्धाणं ह्रीं शिरो रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो आयरियाणं ह्रूं शिखां रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा ॐ णमो उवज्झायाणं ह्रैं एहि एहि भगवति वज्रकवचं वज्रिणि रक्ष रक्ष ह्रुं फट् स्वाहा ॐ णमो लोए सव्वसाहूणं ह्रः क्षिप्रं साधय साधय वज्रहस्ते शूलिनि दुष्टान् रक्ष रक्ष हुं फट् स्वाहा दिन में एक बार

समस्या
बाह्य उपद्रव
प्रयोग विधि
१२००० का जप कर इस मंत्र को सिद्ध करें
परिणाम
सर्व उपद्रव का विलय