‹ मंत्र उपाय
अरिष्टनाशक (१)
१. हीं २. ह्रीं क्रीं श्रीं ३. ॐ ह्रीं ध्रीं फ्रीं ह्रीं
- बार-बार विघ्न से प्रताड़ित होना
- इनमें से कोई भी मंत्र ४० बार पढ़ने से सिद्ध होता है
- सारे उपद्रव दूर हो जाते हैं